Thursday, 9 October 2014

मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है किस्मत मेरी...

रोज़ वो ख़्वाबों में आते हैं गले मिलने को,

मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है किस्मत मेरी...

No comments:

Post a Comment