Shayari Dil Ki Geharayi Se
"कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है लो हमने देख ली दुनिया जो इतनी खूबसूरत है ज़माना अपनी समझे पर मुझे अपनी खबर ये है तुझे मेरी जरूरत है, मुझे तेरी जरूरत है..
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