Shayari Dil Ki Geharayi Se
मेरे सिवा मुझमेँ मेरा खुदा रहता है मेरे सवा मुझमेँ सनम बस तू रहता है गुजर रही है ज़िन्दगी मेरी इबादत मेँ तेरी मन मन्दिर मे मेरे सनम बस तू रहता है लाऊँ कहाँ से वो दिल जो तुझे भूल जाये क्यूँकि मेरे दिल मेँ सनम बस तू रहता है....!!!
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