Friday, 31 March 2017

✍🏻✍🏻" तारीख गवाह हैं, जिन्हें अखबारों में बने रहने का शोक रहा हैं

✍🏻✍🏻" तारीख गवाह हैं, जिन्हें अखबारों में बने रहने का शोक रहा हैं
✍🏻✍🏻 "वक़्त बीतने के साथ वो रद्दी के भाव बिक गए ...!!!

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